दिल्ली-NCR में प्रदूषण से जंग: BS6 वाहनों पर सख्त पाबंदियां लागू

दिल्ली-NCR की हवा गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी है। प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने कई कड़े नियम लागू किए हैं। अब दिल्ली में केवल BS-VI मानक वाले वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे। BS-6 से नीचे वाले वाहनों को दिल्ली की सीमाओं पर रोक दिया जाएगा। हालांकि, दिल्ली में पहले से रजिस्टर्ड पुराने वाहन अभी प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, पेट्रोल पंपों पर वैध PUC (Pollution Under Control Certificate) के बिना वाहन को ईंधन नहीं मिलेगा। बिना प्रमाणपत्र वाले वाहन फ्यूल नहीं प्राप्त कर पाएंगे।
कंस्ट्रक्शन सामग्री जैसे रेत ढोने वाले ट्रकों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा या सीज किया जाएगा। इसके साथ ही, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अब 50 प्रतिशत वर्क फ्रोम होम अनिवार्य कर दिया गया है। जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी संस्थान अपने कर्मचारियों का आधा हिस्सा घर से काम करने को कहेंगे। नियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना भी लगेगा।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से प्रभावित मजदूरों के लिए भी मदद का एलान किया है। ग्रेप 3 और ग्रेप 4 के दौरान काम बंद रहने वाले रजिस्टर्ड मजदूरों को 10,000 रुपये सीधे खाते में दिए जाएंगे। पेट्रोल पंपों पर PUC जांच के लिए विशेष टीम तैनात की जाएगी। दिल्ली के सीमावर्ती प्रवेश मार्गों जैसे कोंडली, टिकरी, कालिंदी कुंज, कापसहेड़ा आदि पर पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें निगरानी करेंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि अब तक उठाए गए कदम प्रभावी साबित नहीं हुए। उन्होंने लॉन्ग टर्म प्लानिंग और टोल प्लाजा हटाने की सलाह दी है। कोर्ट ने प्रदूषण से बेरोजगार हुए मजदूरों की मदद पर भी जोर दिया है। दिल्ली-NCR के हाल के दिनों में AQI स्तर खतरनाक दर्जा दिखा रहा है।
सरकार लोगों से अधिक से अधिक कारपूलिंग अपनाने और हरियाली बढ़ाने की अपील कर रही है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि दिल्ली-NCR की हवा फिर से साफ और सांस लेने योग्य बन सके।